प्रतीकात्क AI तस्वीर
India Govt July 2025 Rule Changes: जुलाई का महीना आम लोगों के लिए कई नए नियमों और बदलावों की सौगात लेकर आया है, जिसका असर सीधा आम लोगों की जेब पर पड़ेगा. अब रेल यात्रा महंगी हो गई है, पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार अनिवार्य हो गया है और तत्काल टिकट बुकिंग के लिए भी आधार वेरिफिकेशन जरूरी हो गया है. इसके साथ ही UPI पेमेंट सिस्टम में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जो डिजिटल फ्रॉड को रोकने में मददगार होगा. आइए जानते हैं इन 6 बड़े बदलावों के बारे में-
1. रेल यात्रा महंगी हुई
अब AC ट्रेन में 1000 किलोमीटर का सफर करने पर ₹20 तक ज्यादा देने होंगे. रेलवे ने नॉन-AC मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में प्रति किलोमीटर 1 पैसा और AC क्लास में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की है. यानी अब यात्रियों को हर सफर के लिए थोड़ा अधिक भुगतान करना होगा.
2. तत्काल टिकट के लिए आधार हुआ जरुरी
अब IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक करना जरूरी हो गया है. तत्काल टिकट की बुकिंग विंडो खुलने के शुरुआती 10 मिनट सिर्फ उन्हीं यात्रियों को टिकट मिलेगा जिनका आधार वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है. इससे बॉट्स और दलालों की एंट्री पर रोक लगेगी और आम लोगों को कन्फर्म टिकट मिलना आसान होगा.
3. पैन कार्ड के लिए आधार जरूरी
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार नंबर अनिवार्य होगा. यदि आपके पास आधार नहीं है तो आप पैन के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे.
10 मिनट में बन सकता है ई-पैन:
इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाकर आधार से OTP वेरिफिकेशन कर आप ई-पैन पा सकते हैं. SMS या मेल के जरिए पैन नंबर भी मिल जाएगा.
4. UPI पेमेंट में रिसीवर का असली नाम दिखेगा
अब UPI पेमेंट करते समय आपको QR कोड पर लिखा नाम नहीं, बल्कि बैंकिंग सिस्टम में दर्ज असली नाम दिखाई देगा.
दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह नियम 30 जून से लागू कर दिया गया है ताकि फर्जी नाम और फ्रॉड से बचा जा सके.
5. MG की कारें हुईं महंगी
JSW-MG मोटर इंडिया ने अपनी कारों के दामों में 1.5 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है. कच्चे माल की बढ़ती कीमत और ऑपरेशनल खर्च के चलते यह कदम उठाया गया है. इससे पहले जनवरी 2025 में भी कंपनी ने 3 फीसदी की बढ़ोतरी की थी.
6. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता
जहां एक तरफ महंगाई बढ़ी है, वहीं राहत की खबर ये है कि 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 58.50 रुपये तक सस्ता हो गया है. दिल्ली में इसकी नई कीमत 1665 रुपये और मुंबई में 1616.50 रुपये हो गई है.
जुलाई की ये शुरुआत आम आदमी की जिंदगी को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले नियमों के साथ हुई है. यात्रियों, ग्राहकों और टैक्सपेयर्स को अब पहले से ज्यादा सतर्क रहने और डिजिटल रूप से अपडेट रहने की जरूरत है.
प्रतीकात्मक फोटो
WHO Gaza Attack: गाज़ा में जारी संघर्ष के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसराइली सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। WHO का कहना है कि सोमवार को इसराइली हवाई हमलों में गाज़ा के देर अल-बलाह शहर में उसके कर्मचारियों के घर और मुख्य गोदाम को निशाना बनाया गया। इन हमलों की वजह से इलाके में आग लग गई, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों की जान खतरे में पड़ गई।
डब्ल्यूएचओ ने दावा किया कि हमले के बाद इसराइली सैनिकों ने उसके पुरुष कर्मचारियों को बंदूक की नोक पर रोका और उनसे पूछताछ की गई। इस दौरान उनके कपड़े भी उतरवाए गए, जो एक अपमानजनक और चिंताजनक स्थिति थी। संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। हालांकि इसराइल की ओर से अब तक WHO के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
गौरतलब है कि सोमवार को पहली बार इसराइली टैंक देर अल-बलाह शहर के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में दाखिल हुए। इससे पहले रविवार को इसराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने स्थानीय लोगों को आदेश दिया था कि वे तुरंत इस क्षेत्र को खाली कर दें।
WHO ने बताया कि उसका गोदाम गाज़ा में मानवीय सहायता के वितरण के लिए एक अहम केंद्र था। वहां दवाइयाँ, जीवन रक्षक उपकरण और अन्य आवश्यक वस्तुएँ रखी गई थीं। अब इस गोदाम के जलने और क्षतिग्रस्त होने के कारण गाज़ा के लोगों तक ज़रूरी मदद पहुँचाने में भारी बाधा आ रही है।
गाज़ा में हालात पहले से ही बेहद गंभीर हैं। अस्पतालों में दवाइयों की कमी है, लोग खाने-पीने की वस्तुओं के लिए तरस रहे हैं और सुरक्षित स्थानों की भारी कमी है। ऐसे में WHO का कहना है कि उसके ठिकानों पर हमला मानवीय राहत कार्यों को और मुश्किल बना देगा।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने पहले भी गाज़ा में स्वास्थ्य और राहत सेवाओं पर हमलों को लेकर चिंता जताई है। WHO ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह इन घटनाओं को गंभीरता से ले और मानवीय कानूनों की रक्षा के लिए कदम उठाए।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी
Rahul Gandhi News: प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या (29 जनवरी) को मची भगदड़ में काफी संख्या में लोगों की मौतें हुई थी. इस हादसे को लेकर यूपी सरकार ने कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं किए. अब बीबीसी ने अपनी एक पड़ताल में बड़ा खुलासा किया है. बीबीसी का दावा है कि भगदड़ में 82 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. वहीं, राहुल गांधी ने इस रिपोर्ट को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है.
कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर कहा, "BBC की रिपोर्ट बताती है कि कुंभ मेले की भगदड़ में हुई मौतों के आंकड़े योगी सरकार ने छुपाए. जैसे COVID में गरीबों की लाशें आंकड़ों से मिटा दी गई थी. जैसे हर बड़े रेल हादसे के बाद सच्चाई दबा दी जाती है.
यही तो BJP मॉडल है. मोदी सरकार के दौर में गरीबों की कोई गिनती नहीं, तो जिम्मेदारी भी नहीं."
योगी सरकार की नजर में 37 लोगों की हुई भगदड़ से मौत
दरअसल, प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या को मची भगदड़ में बीबीसी ने अपने एक पड़ताल के आधार पर दावा किया है कि उस समय यूपी सरकार ने 37 लोगों के मरने की बात स्वीकार की थी, लेकिन उससे कई गुना ज्यादा लोग मरे थे.
100 अधिक परिवारों से मिला बीबीसी का प्रतिनिधिमंडल
बीबीसी के मुताबिक हजारों किलोमीटर का सफर, 11 राज्य और 50 से अधिक जिलों का दौरा करने के बाद 100 से अधिक परिवारों से पीड़ित के लोगों से उनका प्रतिनिधि मिला. पड़ताल के मुताबिक कुंभ भगदड़ में मारे गए लोगों की तादाद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों से कहीं अधिक हैं.
बीबीसी ने दावा किया कि कुंभ के दौरान भगदड़ में 82 से ज्यादा लोगों की मौत हुई. बीबीसी के प्रतिनिधि ने पड़ताल के दौरान 82 से ज्यादा मृतकों के परिजनों से सीधा संपर्क किया. 82 लोगों में उन लोगों नाम शामिल नहीं हैं, जो मौत का सबूत नहीं दे सके, लेकिन उनके परिजनों की मौत भगदड़ में हुई. ऐसा पीड़ितों ने दावा किया.
(फाइल फोटो)
ICICI Bank Minimum Balance Rules: ग्राहकों की नाराज़गी के बाद आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने बचत खातों के लिए न्यूनतम बैलेंस की नई और बढ़ी हुई शर्तें वापस ले ली हैं. बैंक ने अब फिर से वही पुराने नियम लागू कर दिए हैं, जो पहले से लागू थे. यानी अब ग्राहकों को पहले जितना ही औसत मासिक बैलेंस (Minimum Average Balance) बनाए रखना होगा.
क्या था विवाद?
हाल ही में ICICI बैंक ने अपने न्यूनतम बैलेंस के नियमों में बदलाव करते हुए मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में बचत खाता धारकों के लिए औसत मासिक बैलेंस 50,000 रुपये करने का ऐलान किया था. इसी तरह अर्ध-शहरी शाखाओं में यह सीमा 25,000 रुपये और ग्रामीण शाखाओं में 10,000 रुपये तय की गई थी. यह बदलाव 1 अगस्त से लागू होना था.
हालांकि, ICICI बैंक के जरिये जारी औसत मासिक बैलेंस की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया पर ग्राहकों ने बैंक के इस फैसले की कड़ी आलोचना की. कई लोगों ने इसे आम ग्राहकों पर बोझ डालने वाला कदम बताया. आलोचना बढ़ने के बाद बैंक ने यह बढ़ोतरी वापस लेने का फैसला किया.
अब क्या है नया नियम?
ICICI बैंक ने बयान जारी कर बताया कि 1 अगस्त से नए बचत खातों के लिए मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम बैलेंस 15,000 रुपये, अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 7,500 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 2,500 रुपये ही रहेगा. बैंक के मुताबिक, अगर ग्राहक अपने खाते में निर्धारित न्यूनतम बैलेंस नहीं रखते, तो उनके खाते से 6 फीसदी या 500 रुपये (जो भी कम हो) का जुर्माना काटा जाएगा.
किन्हें नहीं रखना होगा न्यूनतम बैलेंस?
बैंक ने साफ किया है कि वेतन खाते (Salary Accounts), पेंशनभोगी खाते, छात्र बचत खाते, पीएम जन धन योजना (PMJDY) और अन्य विशेष खाते इस नियम से मुक्त रहेंगे. इसके अलावा जिन ग्राहकों के बचत और फिक्स्ड डिपॉजिट में कुल 2 लाख रुपये हैं, उन्हें भी न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होगी.
आरबीआई का क्या कहना है?
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वाणिज्यिक बैंक अपने बचत खातों के लिए न्यूनतम बैलेंस खुद तय करने के लिए स्वतंत्र हैं. यह निर्णय नियामक दायरे में नहीं आता. ICICI बैंक का यह कदम ग्राहकों के लिए राहत की खबर है, खासकर उन लोगों के लिए जो बढ़े हुए न्यूनतम बैलेंस के बोझ से परेशान थे.
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